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Thursday, November 12, 2009

अन्धविश्वास और तंत्र मन्त्र का एक अनोखा रूप पवित्र बंधन पर अशुभ छाया सीरियल द्वारा जी टीवी पर - Superstition on ZEE TV by Shree

Shree on ZEE TV
मानव मन की गहराइयों की अजीब दास्ताँ है। यह मन ही है जो परिस्तिथियों के साथ एक नया रूप और मोड़ लेती है। मन की परिस्तिथियाँ समाज की सामजिक संरचना को भी प्रभावित करता है। मन पर यदि सामाजिक सरोकारों का प्रभाव पड़ता है तो मन भी सामाजिक बनावटों से अलग नहीं रह पता है। पिचले बार मैनें भास्कर भारती की जीवन ब्याख्या की थी. वह भास्कर के सामाजिक और मानसिक स्तिथियों से प्रभावित था। भास्कर का भारती के रूप में जीना Bhaskar Bharti के रूप में हमारे सामने आया था। आज मैं एक नए विचार के बारे में चर्चा करना चाहता हूँ जो समाज के एक बड़े हिस्से में बड़ी ही मजबूती से पैर जमाकर बैठा है।

जी हाँ, मैं श्री पवित्र बंधन पर अशुभ साया टीवी सीरियल के बारें में बात कर रहा हूँ। आप सब तो जानते ही होंगे कि Shree TV serial का मूलभूत तत्व क्या है। श्री टीवी सीरियल श्री के जिंदगी से जुडा है। श्री का विवाह हरी से होता है। श्री ही वह पहली लड़की है जो हरी से विवाह करने में सफल रहती है नहीं तो आज तक जितनी भी लड़की से हरी की शादी तय की गई थी, उन लड़कियों का रहस्यमय तरीकों से शादी के पहले ही मृत्यु हो गई थी। अंततः हरी का मिलन श्री से होता है। श्री और हरी का मिलन पहली बार एक जंगल में होता है जब वह अपने पिता के लिए जडी-बूटी लाने गई थी। यह मुलाकात बड़ी ही डरावनी थी। ऐसा माना जाता था की कोई भी व्यक्ति उस जंगल में प्रवेश करने के बाद वापस नहीं लौटा है। यह डर श्री के मन में भी बैठा था पर वह अपने को संभालती हुई जंगल में प्रवेश कर चुकी थी। संयोगवश, हरी भी उसी रास्ते से कहीं जा रहा था। उसकी गाड़ी बंद हो चुकी थी और वह पानी के लिए जंगल में घूम रहा था। अचानक श्री को किसी डरावनी छाया का अंदेशा हुआ। वह पीछे खड़े व्यक्ति को धक्का देकर वहां से भाग निकली। हरी कीचड़ में लथपथ पास के गावं में गया। वहां, वह पहली बार श्री को देखा। यहीं से एक रिश्ता बनना शुरू हुआ और अन्ततोगत्वा, उन दोनों की शादी हो गई।

अब यहाँ से शुरू होता है Shree के जिंदगी का एक नया सफर। अपने पति के घर में उसे एक अच्छी पत्नी और एक अच्छी बहू शाबित करना था। वह तो एक अच्छी पत्नी और अच्छी बहू बन गई पर यहाँ एक काली साया भी थी जो इस घर पर मंडरा रही थी।

श्री अपने घर और पति को सँभालते हुए दो बच्चों को जन्म देती है। श्री इस टीवी सीरियल की मुख्य पात्र है। रुद्र जो श्री का बेटा है उसमे काली छाया का निवास होता है। नवेली जो श्री की पुत्री है उसमे श्री की छाया देखने को मिलता है।

रुद्र हमेशा काली छाया के प्रभाव में आकर इस घर का विनाश तथा अपने पिता की हत्या करना चाहता है। दूसरी ओर, नवेली हमेशा उसके सामने आकर उससे टकराती है। कंगना इस टीवी सीरियल की काली छाया है जो रघुवंशी परिवार का सर्वनाश करना चाहती है। त्रिभुअन रघुबंशी इस परिवार के मुखिया है। उनकी पत्नी, सुमिताबेन भी बहूत ही शुशील और शांत है।

श्री टीवी सीरियल में काली छाया रघुवंशी परिवार के जीवन के हर एक मोड़ में बाधा बनकर आती है। वह बिभिन्न रूपों में, अलग-अलग चालों से इस घर में प्रवेश करती है। वह रघुवंशी परिवार से बुरी कार्यों का अंजाम दिलाना चाहती है। उनके व्यापर में भी हस्तक्षेप करती है। उनके मन में बुरी लालच पैदा करवाना चाहती है। घर में झगड़े भी लगवाती है। उनमें बुरी आदतें डलवाकर उनका सर्वनाश कर देना चाहती है।

कंगना हर बार एक नया चाल चलती है और एक मोड़ पर जाकर असफल हो जाती है। उसकी सबसे बड़ी दुश्मन नवेली और उसकी माँ, श्री है। श्री के ऊपर भगवन और उसके पिता नर्रोत्तम का हाथ है। साथ ही, नवेली भी भगवन की प्यारी है। उसमें अद्भूत शक्ति और चमत्कारी गुण है। वह हर संकट में भगवन से प्रार्थना करती है और अचूक रामवाण की तरह उसकी संकट का निवारण हो जाता है। काश! ऐशा रामवाण हमारे पुरे समाज के लिए होता! नवेली तो बहूत ही उदार है उसे हमारे समाज से गरीबी, जलालत और बदकिस्मती का भी निवारण कर देना चाहिए था।

अन्तिम पड़ाव पर काली छाया अपनी मंशा जाहिर करती है। कंगना, आज जो भूत बनकर भटक रही है, रघुवंशी परिवार की ही बहु थी। उसके अनुसार, उसकी हत्या हरी के बड़े भाई ने की थी। वह हरी को पाने के लिए हरी के बड़े भाई से शादी करती है। उसे हरी का भाई रोकने का भरसक कोशिश करता है पर वह खंजर से वार कर देती है। वह अपने को बचाता है। इन्ही परिस्तिथियों में कंगना की हत्या हो जाती है। कंगना आज सच्चाई जानकर हमेशा के लिए रघुवंशी परिवार को छोड़कर चली जाती है। आज पहली बार, रघुवंशी परिवार के सभी लोग खुश है।

Shree on ZEE TV भगवन और भूत के बीच लडाई के कड़ी को दर्शाता है। श्री सीरियल ने बच्चों को भी इसमें शामिल किया है। श्री टीवी सीरियल दर्शकों को वशिभूतिकरण करने वाला कहानी को दिखता है।

आज समाज के एक बड़े तबके, जिसे मध्यवर्गीय परिवार कहा जाता है, इस अन्धविश्वास से ग्रसित है। एक तरफ़ विज्ञानं और विज्ञानं का अद्बूत विकाश और दूसरी तरफ़ श्री का अन्धविश्वास का कहर।

श्री जी टीवी पर ऐसे तत्वों को परोसता है जो हमारे समाज को एक नई दिशा में ले जाता है। इसका वास्तविक जीवन से कोई मतलब नही है पर वास्तविक मनुष्यों को प्रभावित करता है।

भूत और भगवन के लडाई की साफ़-साफ़ चित्र हम समाज के एक बड़े हिस्से में देख सकते है, जहाँ शुद्धिकरण और काली छाया को दूर भगाने के लिए लोग लाखों और करोड़ों रुपयें पानी की तरह बहा देते है।

श्री पवित्र बंधन पर एक अशुभ छाया जी टीवी पर एक कहानी परोसता है जो मानव मन की गहराई में उतर जाता है। यह कहानी तो जीवन से किसी प्रकार का सम्बन्ध रखती है और ही समाज से। बस यह मानव मन को प्रभावित करती है।

अब श्री पवित्र बंधन पर अशुभ साया अपने अंत की घोषणा कर दी है। इसकी अंत नए टीवी सीरियल, यहाँ मैं घर घर खेली... के आने से हो गई है। इस टीवी सीरियल के समय पर अब Aapki Antara सोमवार से वृहस्पतिवार रात्रि १०:३० बजे प्रसारित की जायेगी। श्री टीवी सीरियल अन्धविश्वास और तंत्र-मन्त्र को बखूबी परोसता है।

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