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Tuesday, November 10, 2009

भास्कर का जीवन सफर भारती के रूप में सोनी टीवी पर भास्कर भारती द्वारा - Bhaskar as Bharti on Sony TV

Bhaskar Bharti on Sony TV
विज्ञान या जिव विज्ञान का भले ही असीम विकास हो चुका हो पर आज भी हम मानव मन की चंचलता को पकड़ नहीं पाते हैं। हमारा मन कभी शांत नहीं बैठता है। यह हमारे जीवन और भाग्य के सहारे अपना स्वरुप बदलता रहता है। हमारे जीवन में जो कुछ होता है, सब हमारे वश में नहीं रहता है। इन्ही जज्बातों के ताना-बना को कभी हम कहानियों में सुनते हैं तो कभी उप्नायासों में पढ़ते हैं। आधुनिक समाज में टीवी सीरियल भी इसी का एक रूप है, जहाँ मानव मन के उतार-चढाव, एक कहानी का रूप लेती है। टीवी सीरियल मानव मन के गहराइयों को छूता है क्योंकि यह हमारे सपनों और जज्बातों को स्पर्श करता है।

आज मैं आपको एक ऐसे ही टीवी सीरियल के बारे में बताना चाहता हूँ जो काफी कम समय में ही बुलंदियों को हासिल किया है। यह TV Serial भास्कर भारती के नाम से जाना जाता है। एक लड़का लड़की में परिवर्तित हो जाए तो क्या होगा? जी हाँ, यह एक ऐसा ही सीरियल है, जहाँ एक लड़का, लड़की में परिवर्तित हो जाता है।

भास्कर इस टीवी सीरियल का मुख्य पात्र है जो एक लड़की में परिवर्तित हो जाता है। उसके बाद उसका नाम भारती हो जाता है। भास्कर से भारती बनने की प्रक्रिया ही Bhaskar Bharti के रूप में Sony TV पर प्रत्येक सोमवार से वृहस्पतिवार को सायं :३० बजे नए समय पर दिखाया जाता है। यह सीरियल रात्रि बजे दिखाया जाता था पर नए सीरियल Sukh By Chance आने के बाद यह सायं :३० बजे प्रसारित किया जाता है।

भास्कर भारती कहानी की शुरुआत, भास्कर का भारती बनने की प्रक्रिया से शुरू होती है। भास्कर बहूत ही मतलबी और एक से ज्यादा लड़कियों से सम्बन्ध रखने वाला मर्द था। वह अपने प्रेमिका से शादी का वादा करके, दुसरे लड़कियों के साथ भी अपना सम्बन्ध कायम रखता था।

एक दिन इस बात की भनक जब उसकी प्रेमिका, गीता को लगी तो उसने उसे लड़की बनने का श्राप दे दिया। गीता की श्राप सच साबित हुई और भास्कर, भारती बन गया। गीता ने उसे श्राप एक लड़की की दर्द को महसूस करने के लिया दिया था। भास्कर का भारती बनने की प्रक्रिया की सच्चाई उसके दोस्त सिर्फ़, पायल को ही पता था। पायल ने उसकी मदद करने की बहूत कोशिश की। वे लोग गीता से श्राप वापश लेने को भी बोले पर सब बेकार शाबित हुआ।

अब शुरू होता है भास्कर का सफर भारती के रूप में। भास्कर एक आफिस में Women Magazine के लिए काम करता था। अब उसे भारती के रूप में उस आफिस में प्रवेश करना था।

भास्कर का भारती के रूप में जीना दर्शकों के लिए रोमांचक लगता है। एक सुंदर कद-काठी वाली लड़की - भारती के अन्दर कभी भी एक लड़कीपन की अनुभूति जन्म नही लेती है। भारती का हर एक करतूत उसे और लड़कियों के स्वाभाव से अलग बनाती है। भास्कर भरती टीवी सीरियल में एक नई मोड़ तब आती है जब उसकी शादी तय कर दी जाती है। आफिस में भी उसके खिलाफ साजिश चल रही है। शादी के समय ही वह घर छोड़कर भाग जाती है। शराब के नशे में उसे KK से बात होती है। वह जंगल में प्रवेश कर जाती है, जहाँ उसे एक बाबा से बात होती है बाबा उसकी मुक्ति की राह बताते है। इसी बीच अरमान वहां पहुँच जाता है। रास्ते में उन दोनों के बीच प्यार की बिज पनपती है। भरती को भास्कर बनने के लिए शादी करना पड़ेगा। अरमान से अच्छ लड़का उसके लिए कोई है भी नही। अतः उसने अरमान से शादी करने निश्चय किया।

भारती का दुर्भाग्य यहाँ भी पीछे नही छोड़ता है और उसके जिन्दगी का एक नया पहलू सामने जाता है। अरमान का भाई जिस लड़की से शादी किया था उसका नाम भी भरती था और उसका चेहरा भी भारती के चेहरे से सत-प्रतिशत मिलता था।

ओमकार उससे जबरदस्ती शादी करता है और अपने घर ले जाता है। अब आता है असली मजा इस सीरियल में। अभी भी भारती में भास्कर का अहम् है। वह बड़ों का पैर नहीं छूना चाहती है। वह रश्मों को नहीं निभाना चाहती है। यही टकराव एक बड़ा रूप ले लेता है। अब आगे देखी क्या होता है।

भास्कर भारती सोनी टीवी का बहूत ही सुलझा हुआ हाँस्य सीरियल है। रोमांचकता, इस सीरियल का मुख्य तत्व है। भास्कर का स्वभाव भारती के रूप में उभरकर बहार आता है। तभी तो हाँस्य का एक न्या स्वरुप Bhaskar Bharti से आता है। तथ्यों और स्वाभाव का ताना-बना भारती के जीवन परिस्तिथियों से उभरकर आता है।

Bhaskar Bharti से मिलती-जुलती एक चलचित्र भी आई थी पर वह एक सिमित जीवन-परिस्तिथियों की चर्चा करती थी। भास्कर भारती में हर वह पात्र प्रभावित होता है जो भरती से जुडा होता है। जीवन के इस रंग को भास्कर भारती ने बखूबी पिरोया है। क्या आपने कभी ऐसा सोचा है की यदि आपके साथ ऐसा कभी हुआ तो आप क्या करेंगे? आप लड़की से लड़का बन गए तो...? या, आप लड़का से लड़की बन गए तो...? आधुनिक समाज के परिस्तिथियों में बुना हुआ Bhaskar Bharti on Sony TV अपना एक अलग ही स्थान बना लिया है। भास्कर भारती देखने के बाद हमारा बचपन याद जाता है। हमें आज भी शेक्सपियर की कहानी - A Midsummer Night's Dream याद है जिसमें इसी तरह के काफी बदलाव को बखूबी दर्शाया गया था जिस तरह से Bhaskar as Bharti के रूप में जीता है।

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